shayari Hindi
कौन ये फ़ासला निभाएगा
मैं फ़रिश्ता हूँ सच बताता हूँ
एक बाज़ू उखड़ गया जब से
और ज़ियादा वज़न उठाता हूँ
मैं तुझे भूलने की कोशिश में
आज कितने क़रीब पाता हूँ
तू किसी रेल सी गुज़रती है
मैं किसी पुल सा थरथराता हूँ
हर तरफ़ ए'तिराज़ होता है
मैं अगर रौशनी में आता हूँ
मैं जिसे ओढ़ता बिछाता हूँ
वो ग़ज़ल आप को सुनाता हूँ
एक जंगल है तेरी आँखों में
मैं जहाँ राह भूल जाता हूँ
क्या फ़र्क़ है, कोई बताएँ!
कोई चुप है वक़्त की नज़ाकत देख कर,
किसी को वक़्त ने चुप करा दिया है।
Aaj Bhi Uski Yaadein,
Nind Ke Aage Chalti Hai..
Baat Nhi Karti Ab Wo Mujhse,
Lekin Isme Meri Kya Galti Hai..
Duniya Matlab Ki Hai,
Aise He Badalti Hai..
Bade He Mushkil Se,
Hamne Unhe Bhulaya Hai..
Yaadon Ne Jinki Hame,
Bada Rulaya Hai..
Hamne Unhe Bhulaya Hai..
Yaadon Ne Jinki Hame,
Bada Rulaya Hai..
हार से न डर,
नया सवेरा आएगा,
संघर्ष की लौ से ही रास्ता जगमगाएगा।
जो राहों में बिछी हैं मुश्किलें,
वो ढल जाएंगी,
तेरी हिम्मत ही तुझे मंज़िल तक ले जाएगी।
ना दिन में चैन,
ना रात में चैन।
जाम पिए तो और बेचैन।
शायरी लिखने की लगी है प्यास
कुछ वक्त बाद
तुझसे मिलने की लगी है आस
कुछ वक्त बाद
सीख लिया है हुनर मैंने अमीरी का
अब तू होगी मेरे पास
कुछ वक्त बाद




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